ये कहानी मौसी की
या ये कहानी मेरी मम्मी की
एक पति होना, दो तीन बच्चे होना
दिन में काम करना
रात में काम करना
और आराम से रहना
या आराम से न रहना
क्या ये पूरी बात है
कभी- कभी ये दोनों पागलों की तरह बडबडाते भी तो हैं
कभी- कभी ये दोनों अपने कनपटियों को सहलाते भी तो हैं
कुर्सी ही तो मांगी थी टी वी देखने के लिए उन्होंने
और मैंने रानी महारनी कहकर छीन ली ...
या ये कहानी मेरी मम्मी की
एक पति होना, दो तीन बच्चे होना
दिन में काम करना
रात में काम करना
और आराम से रहना
या आराम से न रहना
क्या ये पूरी बात है
कभी- कभी ये दोनों पागलों की तरह बडबडाते भी तो हैं
कभी- कभी ये दोनों अपने कनपटियों को सहलाते भी तो हैं
कुर्सी ही तो मांगी थी टी वी देखने के लिए उन्होंने
और मैंने रानी महारनी कहकर छीन ली ...
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