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Wednesday, December 19, 2012

Mummy

ये कहानी मौसी की 
या ये कहानी मेरी मम्मी की 
एक पति होना, दो तीन बच्चे होना 
दिन में काम करना 
रात में काम करना 
और आराम से रहना 
या आराम से न रहना 
क्या ये पूरी बात है 

कभी- कभी ये दोनों पागलों की तरह बडबडाते भी तो हैं
कभी- कभी ये दोनों अपने कनपटियों को सहलाते भी तो हैं

कुर्सी ही तो मांगी थी टी वी देखने के लिए उन्होंने
और मैंने रानी महारनी कहकर छीन ली ...

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