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Tuesday, July 2, 2013

तुम्हारी याद में

हर बार मरती हूँ तुमसे बात करने से पहले पर सांस की कुछ घूंटो के लिए मरना जरूरी भी है। 

ये जब कि तुमने मुझे छोड़ दिया, दो साल पहले ये जब कि हर बार फ़ोन करने पर तुम भीड़ का बहाना बनाकर यूँही फ़ोन काट देते हो।ये जब कि कि  हर बार ये सोच कर मै घबरा जाती हूँ कि तुम्हारे सामने फिर अपनी इज्जत के कपड़े उतर दिए मैंने।और ये जब कि  हर बार नंगे खड़े हुए मुझे इस बात का अहसास होता है कि मै तुमसे प्यार करती हूँ। और ये जब कि  मुझे अहसास होता है कि मैं एक लड़की हूँ।।
और ये तब की जब तुम इस  "जब"  की गहराई को  समझ ही नहीं पाओगे कभी, क्यों की तुम इस लायक ही नहीं हो।और ये तब की जब तुम अपनी बीवी को अपनी X - गर्लफ्रेंड के दिए हुए टेडी बिअर से बहलाते रहो, और मै खुश होती रहूँ ये देख के कि तुम्हारी जिंदगी कितनी फर्जी है।