हर कोशिश बेकार कर दी है तुमने
उम्मीदें दरिया के पार कर दी हैं तुमने
ये दूर वो दूर
सूत का एक धागा था
उस धागे के हर रेशे तार तार कर दीं हैं तुमने
पानी भरा है दिल में
या पनी में दिल उतर गया
आँखों का रस्ता ढूंढे
खुशियाँ ज़ार ज़ार कर दी हैं तुमने।।
आज मै रोये जा रही हूँ
बीत गया जो उसके गम में, आने वाला कल ना खोना
ReplyDeleteआंधी आये तूफाँ आये, तू बस अपना बल ना खोना
खुशियों से भरा जो होगा वो, आने वाला पल न खोना
जो ना आये वो पल तो भी, तू अपना मनोबल ना खोना.
Rakesh Ji........koshish to jaari hai kuchh na khone ki.....
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