किसी ने मुझसे पुछा की की मुझे अपनी ज़िन्दगी में
guilt किस बात का है
तो मैं उन्हें बता न सकी
और जो बताया भी वो सच नहीं था
पर अगर वो आज ये पूछें की अफ़सोस किस बात का है
तो मै कहूँगी कि
आज तक
बशीर बद्र साहब को क्यों नहीं पढ़ा मैंने .....................
मै खुद
guilt किस बात का है
तो मैं उन्हें बता न सकी
और जो बताया भी वो सच नहीं था
पर अगर वो आज ये पूछें की अफ़सोस किस बात का है
तो मै कहूँगी कि
आज तक
बशीर बद्र साहब को क्यों नहीं पढ़ा मैंने .....................
मै खुद
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