
शुक्र है कि ये तेज़ चाकू इंसानों में और गैर इंसानों में फर्क करना जानता है,
इसकी तसल्ली सिर्फ भीड़ में जगमगाते हुए चमकदार, गैर चमकदार,
काले -सफ़ेद नीले-और हरे चेहरों को छील कर गूदेदार सच्चाई जान ने में होती है,
बाकि ये खुश रहता है अपनी ऊबाई के साथ,
और इतना तेज़ होने के बावजूद अपनी नोक को इन गूदेदार सुर्ख़ियों से बचाता फिरता है,
ये चाकू मेरा है जिसका शौक सिर्फ मुझे चीरना है।
(इसके जवाब में )