बेवजह बहती हुई सी जिंदगी
हर एक मोड़ पर सवाल कहती हुई सी ज़िन्दगी
उलझी हुई सी ज़िन्दगी, परेशान सी ज़िन्दगी
बेगानों की भीड़ में अपनों को तलशती हुई सी ज़िन्दगी
खुशियों के मोतियों को पिरोती हुई सी ज़िन्दगी
कोशिश करती हुई सी ज़िन्दगी
फिर भी नाकाम ज़िन्दगी
जीनी तो पड़ती ही है ज़िन्दगी बशर्ते
बेवजह यूँ ही बहती हुई सी ज़िन्दगी.......
(अंकिता )
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