google +

Search results

Sunday, May 5, 2013


ज़ख्म खाने में मज़ा जिसको बहुत आता है..
वो ही पागल, फिर मसीहा यहाँ कहलाता है ..

ये अजब सा हुनर उसने सीखा है "फराग"..
खंज़र पसलियों तक जाकर ज़रा सहलाता है ..


JEENGAR ANIL (EK ANYA KAVI)

No comments:

Post a Comment